प्यार नही अब नफरत बाकी #rk 94


प्यार नही अब नफरत बाकीदिल है साफ नही कोई माफीदिल में राख आँख के शोलेना कोई दस्तक ना कोई साखीआँख के पर्दे हट जाने दोदिलो मे नफरत बँट जाने दोमिट्टी का इंसाफ तू करनाघंटे भर का काम ही काफीकाफी़ ...घंटे भर का काम ही काफीप्यार नही अब नफरत बाकीफूल चढाना अब नही काफीकमर ये तेरी … Continue reading प्यार नही अब नफरत बाकी #rk 94

दहशत #rk 95


शहर से दूर एक सच्चाई दहशत से एक लडाई पेट भरने की जंग थी मिटाने सारी भूख फिर ना जाने कहाँ से आई हाथों में बन्दूक फिल्मों की बाते जो लगती कभी कहानी उन गलियों की सच्चाई भूलाने बचपन को लाई चलते हम शान से अपनी ही तान में सहमते क्यूँ कदम फिर गैरों की … Continue reading दहशत #rk 95

क्या दे सकता हूँ उसे #rk 92


आज उसने एक बात कही पर खुद मे चुपचाप रही कहता मै भी क्या मगर खुद मे जब कुछ बात नही लम्हे यादे क्या दे सकता हूँ उसे होठों की मुस्कान थमी उसने एक बात कही किनारा ये दिल भी करता नही चुपचाप बातें भी ना रहती यहीं थमी थी साँसे पर सहमा नहीं वक्त … Continue reading क्या दे सकता हूँ उसे #rk 92

मैं कौन तेरा #rk 93


मैं कौन हूँ तेरा अपना आँखे बिना बन्द किये कोई सपना नैनो के वो इशारे समझे जो ना तुम्हारे खुशी के कुछ लम्हो को तेरे लिए जो ना थामें तो मैं कौन हूँ........ आँखे जो खुली है तो पन्ने कोरे कुछ भर लूँ उनमे जो नमी है तो कुछ मन की भी सुन लूँ मैं … Continue reading मैं कौन तेरा #rk 93

बदलना नही, बेहतर बनना है #rk 91


कुछ हुआ नहीं,पर फिक्र तो सबको होती है जो मिलना है ,देखते है कब तक मुकम्मल होती है मैं आँखे मूँदे खिडकी पर ना जाने कब से क्यूँ खडा था देखते हैं ये रात ना जाने कब सोती है हुनरमंद गर मैं नहीं तो खुद की क्या बात करूँ तकिये को थामे क्युँ यू मै … Continue reading बदलना नही, बेहतर बनना है #rk 91

वक्त वही रूका है. #rk 90


जख्म हरे नहीं पर भरे भी कहाँ है बीता साल पर वक्त तो जैसे वही रूका है हाँ एक फर्क है उस वक्त तो चिन्ता ना थी कल की और आज एक आहट भी रूला रही है मै रोज किनारे पे खडा लहरों को देख रहा जो कह रही बस चलता चल ना जाने उन्हे … Continue reading वक्त वही रूका है. #rk 90