जीना भी जरूर है


नही है पता कि कहाँ जा रहे हैं, नही है पता कि कहाँ जा रहे हैं, बस इतनी है खबर कि चले जा रहे हैं। बस हम जिये जा रहे हैं। कुछ यादें, कुछ किस्से बनते हैं, कुछ यादें, कुछ किस्से बनते हैं, बस इन्हीं यादों में किसी में रहे जा रहे हैं, बस हम … Continue reading जीना भी जरूर है

हैरान हूँ


हैरान हूँ, तेरे इस तोहफे पर, हाँ,मैं हैरान हूँ, तेरे इस तोहफे पर, कि क्या यही तोहफा मिलना चाहिए था ! फिर सोचता हूँ, कि शायद शायद ,ये ही सही तोहफा है। मेरे उस तोहफे के बदले में... है ना?

Hkikat E jindagi


कुछ कहना था क्या उसे, सब ठीक तो..... अब था ना कहकर भी.... ना कुछ कह सके वे, कुछ इस कदर था कभी कुछ कहना गर इस कदर में अब भी कदर.... ना करे कोई अगर तो कहना पर सम्भल कर ...जरा रखना हैं कदम, यहाँ मिलते ठोकर हर दम, ये भी सच है ना … Continue reading Hkikat E jindagi

सर्वप्रथम केवल भारतीय बनो


आँखें नम, दिल हैरान और दिमाग में कई सवाल हुए आखिर क्या था शब्दों में, कुकर्म सरेआम हुए माना सवाल जरूरी थे, अब तो उन्हें चैन से सोने दो सैनिक ना सही, हो गये भेंट, राजनीति की भेंट ना चढने दो हिन्दुस्तानी हो चाहे पाकी, आवाम तो शान्तिप्रिय रही घर का बुझे कोई दीपक, किसको … Continue reading सर्वप्रथम केवल भारतीय बनो

सर्वप्रथम केवल भारतीय कहलाए


कि आँखें नम, दिल हैरान और दिमाग में कई सवाल हुए कि आखिर क्या था, उन शब्दों में, जो इतने कुकर्म सरेआम हुए हाँ माना सवाल जरूरी थे, सच की तलाश जो बाकी थी पर किसके हिस्से क्या आया पर किसके हिस्से क्या आया, कुछ अन्तर्द्वन्द्व भी बाकी थे खैर जो हुआ, सो हुआ, अब … Continue reading सर्वप्रथम केवल भारतीय कहलाए

दिल का है कहना


दिल का है कहना तू बनजा खुद के काबिल वक्त बतलाएगा वरना क्या होता तुझे हासिल खुश है तू खुद में, ये अच्छी बात है बेकरारी मे जीना कहाँ इस जिन्दगी की सौगात है

बेवजह तो नहीं


बेवजह तो नहीं ये चिन्ता चिन्तन की आस है कुछ करना है अगर तो हर साँस अब तेरी साज़ है समय तो बीतेगा ही, अपनी रफ्तार से समय तो बीतेगा ही, अपनी रफ्तार से सम्भल जा जल्द ही वरना, तेरा ही विनाश है - Rishabh kumar

मेरे हाल पे हँसने वाले..


मेरे हाल पे हँसने वाले मुझे बहुत पसन्द है मेरे सामने रहकर बुरा बोलने वाले मुझे बहुत पसन्द है पसन्द है मुझे क्योंकि वे दिखावे नही करते पसन्द है मुझे क्योंकि वे झूठे वादे नहीं करते -Rishabh kumar

ऐसा कैसे चलेगा भईया


Mostly all of us want to be heard, that't it; it isn't love at all. But also, most of us seek a trustworthy friend, without being one first. ऐसा कैसे चलेगा भईया करीब हो मगर करीब आ नही सकते होठों में है दबी है बात बता नही सकते दूर रहकर भी तुम दूर जा नही … Continue reading ऐसा कैसे चलेगा भईया

एक चाह


कुछ निशानियाँ, निगरानियाँ अभी तक हैं कुछ काम, आराम अभी तक हैं कुछ दर्द, कहानियाँ अभी तक हैं पर खुश हूँ ,मैं फिर भी, कि कुछ तो है खुश हूँ, कि मुझमें, तू कुछ यूँ है कुछ यादें, इरादे अभी तक है कुछ नाम, अभिमान अभी तक हैं कुछ शर्म, हम नर्म अभी तक है … Continue reading एक चाह

जिम्मेदारी की हसरतें


हसरतें कुछ यूँ ज़ार ज़ार हो गईं कभी जिम्मेदारियों में,तो कभी अपनो की खुशियों पे निसार हो गई । #heartstylus_shipra ******************* ------------------------------ अपनों ने कहा कमबखत तू जिम्मेदारी को बदनाम ना कर किसकी खुशियों की खातिर आखिर मेरी आँखे तुझपे निसार हो गई!! वक्त है तो तू सम्भल जा वरना फिर रोएगा कि जिम्मेदारियों से … Continue reading जिम्मेदारी की हसरतें