अपने लिए भी समय निकालो


अपने लिए भी समय निकालो क्यूँ गैरों के लिए मरते हो? जिन्दगी मिली है नसीब से, क्यूँ बस गुज़र करते हो? जीना चाहते हो, जीते क्यूँ नहीं? पंख हैं तुम्हारे, उडते क्यूँ नहीं? कुछ साथ देंगे ही, जैसे कि आज हैं। फिर बता क्यूँ भला, तू यूँ उदास है? क्या नाम नहीं अब तक तेरा? … Continue reading अपने लिए भी समय निकालो

मिलते हैं #rk


सुनो, कैसे हो!! अच्छे हो ना? कई दिन हुए मिले, भूले तो नही! खैर होता है, होता है अक्सर ऐसा। नये चेहरे सामने आने पर, कुछ चेहरे अक्सर धुंधले पडने लग जाते हैं। फिर भी, कुछ रिश्ते होते हैं, कुछ रिश्ते होते हैं, जो ना तो कभी दिल से दूर होते हैं, ना ही उतने … Continue reading मिलते हैं #rk

दोस्त ही है…. वादा रहा


है किसकी खता, किसको क्या पता तू साथ है, फिर भी है लापता सब जानता है, पर मानता नहीं क्या मेरी खता! अब तू दे बता। दोस्ती है, दोस्त ही है तू मेरी साथ है, साथी, नहीं तू मेरी कुछ बात है लेकिन, बातों में ही है तू रिश्तों-नातें, खुद से बेखबर हूँ मैं कहीं। … Continue reading दोस्त ही है…. वादा रहा

प्यारी है ना जिन्दगी


ज़िन्दगी नाम है ज़िन्दगी.... एक नाम है हर आँसू,एक जाम है, बटोरता जा टुकडो में, बटोरता जा.... टुकडो में, कोई शाम भी, लिखी कहीं सिर्फ तेरे, बस तेरे नाम हैं। अभी भी कह सकते हो कोई राज बाकी है क्या राज दूरियाँ बढा दें ना कहीं हम साथ बाकी है ना! हम इज़हार करते हैं … Continue reading प्यारी है ना जिन्दगी