मेरी चुलबुली सी दीदी, वैसे तो बडी सयानी है
ideal है हम बहनों की, ना करती कभी नादानी है
हाँ कभी कभी गुर्राती, कभी तो बडा इठलाती है,
पर सबके दिल को हम सबसे बेहतर हाँ वही तो जानी है।
पापा की परी है मम्मी की गुडिया
सच कहूँ, हमारी नानी हैपता है?
अब से करीब 8 करोड सेकण्ड पहले, आसमान में एक तारा टूटा।
मम्मी देख रही थी शायद, तभी हमे ये सितारा मिला।कहने को तो हम है तीन,
पर समझदारी में वो सबसे आगे है
बचपन में हम जब खेले खोखो
वो हमें दौडाते भागी हैअरे, अरे, अरे, जानना तो चाहते होंगे
कि आज क्या हुआ, क्यों इतनी बडाई
कुछ कहना था दिल से उन्हें,
आखिर जन्मदिन है भईहर खुशी, खुशी माँगे उससे
जिन्दगी जिन्दादिली सीखेगी
उजाला होगा मुकद्दर में मेरे बहना के इतना
कि चाँद भी रोशनी चाहेगी उससे
Happy birthday Di.ये कविता मैने अपनी एक दोस्त के कहने पर उसकी बहन के लिए लिखी थी। सचमुच किसी दूसरे के खयालातों को सोच कुछ एहसासों को पिरोना कठिन तो है, but thanks to her for seeing me worthy of it.