बचपन एक रंग अनेक


ना द्वेष, ना कोई डर, बेबाक, बेनकाब होता है।चंचलता इरादों में लिए, शरारत की दुकान होता है।हर एक नज़र पर साथी, हाँ बिल्कुल नादान सा।हठीला, मस्ती का बुलबुला, हर सुख सम-उत्कर्ष सा।दुनियादारी से दूर, आँखों में अलग सी चमक लिए।आज को जिये गलियों में, आशाओं की पतंग लिए।बचपन सचमुच, एक खुली किताब होता है।अपनो की … Continue reading बचपन एक रंग अनेक

खुद को आजमाइये


खुद को आजमाइये चले आइये मोह को भूल ना शर्माइये क्यूँ है रिश्ते, हुए बन्धनों से इतना भी ज्यादा ना घबराइये खुद को जरा और आजमाइये गलत क्या, सही क्या बचा क्या किसी का दुनिया में। दो पल हम साथ है, खुलकर जीना क्या कोई बुरी बात है! एहसासों को जिन्दा रखकर मन को पूरे … Continue reading खुद को आजमाइये

My mom had told.


My mom just told,that she's loosing hope.Everything got wasted,with this nature's cope.We had some plansto live those moments.She'd wished me luck.For a better world staked.Am I sorry! why won't I?It's not as wished.We'd wanted things early.But it's gonna be late.I do tell always,in my talks to her.Confused, my ways.like I've lost some spur.Would it not … Continue reading My mom had told.

कुछ रास्ते ऐसे


कुछ रास्ते ऐसे कहीं दूर के लगते थे, कुछ किरणों में सिमटकर बस यूँहीं हासिल हुएं। कुछ मंजिलें वैसे कहीं ख्वाब से लगते थे, कुछ कंकडों में मिलकर नजदीक मालूम हुएं। कुछ तारे ऐसे टिमटिमाते थे हमेशा, कहीं दूर कुछ बातें, किया करते तो थे। कुछ रातें सुबह तक, ढल जाया करती थी, फिर बाते … Continue reading कुछ रास्ते ऐसे

Lonely?


Love, don't love Hate or not. Believe, just don't? Will not stay in Heart! Give, don't give. Your time or what. Have patience, would not? Won't be the lavish ward! Think, don't think. It's necessary or not. You can, would you? Is it not in your craft! I know everyone wants to talk here, pass … Continue reading Lonely?