राशि


नया क्या कहूँ उसे, किस्से हजार सुने होंगे।ना चाहते हुए भी यारों, बदनाम कई हुए होंगे।ये नजरे थी उनकी, क्या हुस्न क्या शरारत।सब जाँच जाते राशि, बस इतनी थी शराफत। What extra would I say to admire her beauty. There are a lot of past stories to tell everything. Many men came and went. Had … Continue reading राशि

Thinking


Really, some thoughts just keep us balanced but far from reality. Recently I noticed that however as long as we hold ourselves somewhere, contained in a particular situation, that we feel like, is best, somehow keeps us far from accepting what is actually needed at moment. Maintaining a positive environment and living in the same, … Continue reading Thinking

दोस्ती : शायरी


सबके साथ ना खेलो, खिलाडी कई हैं मैदान में। एक दोस्त बनाओ सच्चा, जो पहचाने तुम्हें हजार में। कुछ अजनबी अपनों से है कुछ अपनें अजनबी से हो गए एक वक्त था, बिन कहे सब जानते थे अब तो मिलकर भी, बस गुफ्तगू से हो गए तुम वो हो, तुम वो नहीं तुम हो साथ, … Continue reading दोस्ती : शायरी

क्या धन ही है आधार जगत का?


क्या धन ही है आधार जगत का? या कोई अब नहीं रहा श्रवण सा! क्या नही है कोई हाथ मदद का? या करते है सब स्वार्थ रमण का! क्या दोष ही है अब बचा धरा पर? या होता नहीं कही काम पुण्य का! क्या करता नहीं कोई धर्म की रक्षा? या माँगता हर कोई भूख … Continue reading क्या धन ही है आधार जगत का?

यूँहीं ख़याल हैं #quote


यूँही उडने के ख़याल हैं, जहाज छोटी है तो क्या? सुना है ना! हौसलों से ही उडान है। यूँ तो चलने पर भी सवाल हैं, पर क्या हुआ? घबराना नहीं, मंजिल तेरा, ये सारा आसमान हैं। THE SKY IS LIMIT, YET NIGHT AT DOOR? YOU CAN DO IT ONLY, IF YOU CRAVE FOR MORE. Hey … Continue reading यूँहीं ख़याल हैं #quote

अब क्या कहें.. #rk 119


घंटो की बातें मिनटों में सिमट गई यादें हमारी किस्सो में रह गई वक्त बेवक्त मिलने की चाह भी अब ख़ामोशी से कहीं थम गई कोई हिस्सा पुराना रूला देता है कोई रिश्ता हमारा दुआ देता है तू रहे जहाँ रहे मौज से हर अपना कभी तो विदा लेता है तू अपना है,क्यूँ नहीं क्या … Continue reading अब क्या कहें.. #rk 119