आदत सी हो जाती है


आदत सी हो जाती है, अकेला रह लेने की। जब पता हो कि किसी के लिए, हम उतने भी खास नहीं। आदत सी हो जाती है, दिल को हद में रखने की। जब पता हो कि इस दुनिया में, अपनी हद में रहना भी है जरूरी। आदत सी हो जाती है, चुपचाप सा रह लेने … Continue reading आदत सी हो जाती है

Eeither they, or did I


Today it is about a poem that might have changed you into something that you never wanted. You would try to forget it but can't, cause it made you learn many things about life, that not everyone is your friend. Yes, you would know that it is the thing that made you what you are … Continue reading Eeither they, or did I

हैरान हूँ


हैरान हूँ, तेरे इस तोहफे पर, हाँ,मैं हैरान हूँ, तेरे इस तोहफे पर, कि क्या यही तोहफा मिलना चाहिए था ! फिर सोचता हूँ, कि शायद शायद ,ये ही सही तोहफा है। मेरे उस तोहफे के बदले में... है ना?

मैं लिखने लगा #rk 123


मैं लिखने लगा हाँ मैं लिखने लगा पन्नों में सिमटने लगा कुछ शब्दों के सहारे खुद को खुद में ढूँढने लगा v . हाँ मैं लिखने लगा कभी कुछ यादो को कभी किसी की बातों को मन के किसी कोरे पन्नों पर रखने लगा हाँ मैं लिखने लगा जो कहा नहीं किसी से ना ही … Continue reading मैं लिखने लगा #rk 123

यूँ ही… #rk 118


लोग समझते नहीं इसलिए तो समझाना पडता है रो-रोकर ही सही हर जख्म दिखाना पडता है यूँ ही किस्से बदनामियों के मशहूर नहीं होते जिन्दगी जीनी है तो जीने के लिए लड जाना पडता है ताउम्र इस दौड मे खुद को भूलाना पडता है हर किसी की खुशी की खातिर सपनों को मिटाना पडता है … Continue reading यूँ ही… #rk 118

दर्द कहो या… #rk 117


दर्द कहो कहर कहो या आफत घर की हिंसा नफरत की जंग या हिमाकत आपसी रंजिश दिलों की साजिश या कडवाहट जलजला ला देती है अपनापन खा जाती है दुनिया को उजाड कर सब कुछ मिटा देती है गैर कहो अपना कहो या घातक जुबाँ बनो जुदा रहो या नाटक गलती कोई इंसाफ झूठा या … Continue reading दर्द कहो या… #rk 117

छोड दो … #rk 107


छोड दो मुझे मेरे हाल पे तुम सब .. छोड दो मोड लो मेरे रिश्ते से अपना मुँह तुम ... मोड लो इस राह पे....चलना मुझको अकेला.. है पता ना अपने तुम.. यूँ साथ का .. दो सिला छोड दो मुझे मेरे हाल पे तुम सब .. छोड दो मोड लो मेरे रिश्ते से अपना … Continue reading छोड दो … #rk 107