इंसानी अहं


आम नहीं, मैं खास हूँ अपने दिल की मैं आवाज़ हूँ कुछ साथ हूँ, कुछ राज हूँ बेताब मैं जज़्बात हूँ मैं याद मैं ही भूल भी मैं हँसी हूँ, मैं ही दुःख कहीं मैं कौन हूँ, मुझे है खबर मैं सार हूँ, मैं हूँ शहर मैं गाँव भी, मैं हूँ गली मैं हर जगह, … Continue reading इंसानी अहं

क्या लिखूँ


लिखना तो मैं चाहता हूँ पर कैसे कोई नई बात लिखूँ साथ लिखूँ, आवाज़ लिखूँ बिखरा बिसरा ख़्वाब लिखूँ आम हूँ मैं, क्या खास लिखूँ जो गुजरे वही अल्फ़ाज लिखूँ शब्दों के किसी संगम से दिल की अपनी बात लिखूँ याद लिखूँ, एहसास लिखूँ सिमटा सा कोई राज लिखूँ आम हूँ मैं, क्या खास लिखूँ … Continue reading क्या लिखूँ

Happy birthday Di


मेरी चुलबुली सी दीदी, वैसे तो बडी सयानी हैideal है हम बहनों की, ना करती कभी नादानी हैहाँ कभी कभी गुर्राती, कभी तो बडा इठलाती है,पर सबके दिल को हम सबसे बेहतर हाँ वही तो जानी है।पापा की परी है मम्मी की गुडियासच कहूँ, हमारी नानी हैपता है?अब से करीब 8 करोड सेकण्ड पहले, आसमान … Continue reading Happy birthday Di

दोस्ती के बिखरे पल


ये गीत उनके लिए जो भागती दौडती ज़िन्दगी में कहीं दूर निकल जाते हैं, याद तो होते है पर दिक्कत इस बात की होती है कि अक्सर बस यादों में ही रह जाते हैंजरा करीब तो आओजरा.... करीब तो आओजरा बैठो, कुछ सुनाओकहाँ चल दिए, कहाँ है जानाथोडा बैठो तो,कुछ तो सुनानाकुछ हाल दिल के … Continue reading दोस्ती के बिखरे पल

आँसू बह जाने दो


आँसू बह जाने दो कि किसकी ख़ातिर इन्हें रोका है? क्या कसूर हैं इनका? क्यों हँसकर किया धोखा है? बात क्या है, इन्हें बताओ। क्या है गम, इन्हें समझाओ। क्यूँ हो करते ज़ुल्म तुम इनपे आख़िर, इनकी क्या खता है? खुद में खोए रहते हो। सबकी क्यों तुम सुनते हो। बात गर उल्टी लगती ये, … Continue reading आँसू बह जाने दो