Vincent Ehindero Award #2 by J


Firstly sorry for being this late, had completely forgot about this one. J had nominated me for this award atleast a weak ago. So without being late I want to introduce you to J. She is really a nice blogger and I admire her work so much. If you don't believe and want to know … Continue reading Vincent Ehindero Award #2 by J

परिंदे सोच में हैं


परिंदे सोच में हैं इतनी खामोशी, आखिर कैसे आई दिन भर के हो-हल्ले से, चुप्पी कैसे छाई पुहुप भी साक्षी होकर, कर रहे अगुवाई इंसान की दशा हुई है कैसी अब किससे करे लडाई? ~ऋषभ कुमार

मेरे हाल पे हँसने वाले..


मेरे हाल पे हँसने वाले मुझे बहुत पसन्द है मेरे सामने रहकर बुरा बोलने वाले मुझे बहुत पसन्द है पसन्द है मुझे क्योंकि वे दिखावे नही करते पसन्द है मुझे क्योंकि वे झूठे वादे नहीं करते -Rishabh kumar