दोस्ती : शायरी


सबके साथ ना खेलो,खिलाडी कई हैं मैदान में।एक दोस्त बनाओ सच्चा,जो पहचाने तुम्हें हजार में।कुछ अजनबी अपनों से हैकुछ अपनें अजनबी से हो गएएक वक्त था, बिन कहे सब जानते थेअब तो मिलकर भी,बस गुफ्तगू से हो गएतुम वो हो, तुम वो नहींतुम हो साथ, पर साथी नहींतुमसे है विश्वास, हमें खुद परतुम हो हम … Continue reading दोस्ती : शायरी

identity


I was just thinking how many of things we get our phone stuffed with. Is it memory or an attachment. Well I don't know. It's been a long debate if technology is good or bad, remembering those essays I used to practice for exams. It's all up-to our use. The limit or in hindi we … Continue reading identity

यूँहीं ख़याल हैं #quote


यूँही उडने के ख़याल हैं, जहाज छोटी है तो क्या? सुना है ना! हौसलों से ही उडान है। यूँ तो चलने पर भी सवाल हैं, पर क्या हुआ? घबराना नहीं, मंजिल तेरा, ये सारा आसमान हैं। THE SKY IS LIMIT, YET NIGHT AT DOOR? YOU CAN DO IT ONLY, IF YOU CRAVE FOR MORE. Hey … Continue reading यूँहीं ख़याल हैं #quote

दोस्ती : शायरी


कुछ लोगों का काम है मिलना बेमतलब से मिल लेते हैं। क्या करें, मजबूरी होगी शायद, अपना जो मान लेते हैं। कहना आसान होता, तो क्या से क्या हो जाता। मुश्किल है, तभी तो एहसास जिन्दा हैं। पसन्द आए तो गुलाब समझना नापसन्द तो, समझना कोई भूल रखना ही है तो, यादों मे रखना किस्से … Continue reading दोस्ती : शायरी

निगाहें


निगाहें शक करती हैं, हाँ, ये शक पैदा करती हैं। चाहतें झूठी हों फिर भी, हाँ, ये चाहते पैदा करती हैं। किसी के हालातो को भाँपना , बस यही हिमाकत है इसकी। किसी आँखो को पढ पाना बस यही चाहत है इसकी। कुछ छिपाता है, कुछ शायद समझा भी पाता है। कुछ कहे बिना भी … Continue reading निगाहें

दोस्त ही है…. वादा रहा


है किसकी खता, किसको क्या पता तू साथ है, फिर भी है लापता सब जानता है, पर मानता नहीं क्या मेरी खता! अब तू दे बता। दोस्ती है, दोस्त ही है तू मेरी साथ है, साथी, नहीं तू मेरी कुछ बात है लेकिन, बातों में ही है तू रिश्तों-नातें, खुद से बेखबर हूँ मैं कहीं। … Continue reading दोस्त ही है…. वादा रहा

बेवजह तो नहीं


बेवजह तो नहीं ये चिन्ता चिन्तन की आस है कुछ करना है अगर तो हर साँस अब तेरी साज़ है समय तो बीतेगा ही, अपनी रफ्तार से समय तो बीतेगा ही, अपनी रफ्तार से सम्भल जा जल्द ही वरना, तेरा ही विनाश है - Rishabh kumar