कोई यह नहीं समझता


कि आपको इस वक्त क्या चाहिए क्या आपको किसी अपने का साथ चाहिए क्या आपको खुद का आत्मविश्वास चाहिए कोई … More

रास्ते मंजिल और जाने क्या


रास्ते मंजिल और जाने क्या छोड़ आए हैं हम न जाने कहाँ है वास्ता खुदी से ना किसी से यारी … More

scrupled bliss


poem is about uncertainties or hesitation of minds. In life, I guess all of us had many hesitations so far, like as talking to someone, or doubts on self or people, but should it stop us, I wish not.